अनियमित माहवारी के कारण और इलाज।aniyamit mahvari ke karan aur ilaj

Aniyamit mahvari – दोस्तों आज के समय में अनियमित पीरियड की समस्या बहुत आम होती जा रही है।
और पीरियड के बीच में जितना ज्यादा अंतर बढ़ता जाता है पीरियड आने के बाद प्रत्येक महिला को उतना ही ज्यादा दर्द सहन करना पड़ता है।

तो दोस्तों 👋 आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे

Irreguler period (अनियमित माहवारी) के कारण,
एक ही महीने में दो बार पीरियड होने के कारण, पीरियड रुक रुक कर आने के कारण,
पीरियड लेट आने के कारण,
पीरियड का बार-बार ज्यादा दिन तक आने के कारण,
पीरियड का संपूर्ण घरेलू और चिकित्सकीय इलाज, अनियमित माहवारी का इलाज
पीरियड खुलकर जल्दी आने के उपाय,
गर्भावस्था और माहवारी,
रुका हुआ पीरियड लाने के होम्योपैथिक दवा, आयुर्वेदिक दवा पतंजलि

यह तो सभी जानते हैं कि महावारी का चक्र 28 दिनों का होता है और 28 दिन बाद पीरियड्स आना स्टार्ट हो जाता है। पीरियड्स के बाद 14 से 15 दिन के अंतराल में ओवैल्यूएशन की प्रक्रिया होती है जिसमें अंडाणु बाहर निकलते हैं

इस दौरान यदि वे अंडाणु स्पर्म से फर्टिलाइज हो जाते हैं तो प्रेगनेंसी होती है और यदि नहीं होते हैं तो 28 दिन तक में फिर से पीरियड्स आना शुरू हो जाता है.

पीरियड्स आने का यह समय दो-तीन दिन पहले और बाद तक भी हो सकता है इतना समय नॉर्मल माना जाता है।
लेकिन यदि आपको 35 दिन से अधिक हो गए हैं लेकिन फिर भी पीरियड्स नहीं आ रहे हैं अथवा पीरियड्स माहवारी आना बंद हो चुका है या फिर पीरियड्स आ तो गए हैं लेकिन रुकने का नाम ही नहीं ले रहे।

अथवा पीरियड्स रुक रुक कर आ रहे हैं या फिर कुछ लोगों के साथ ऐसा भी होता है कि महीने में दो बार से ज्यादा पीरियड आ रहे हैं या यूं कहें कि पीरियड में ज्यादा दिन तक  आ रहे हैं और आपको भारी रक्त स्त्राव ब्लीडिंग हो रही है तो इस के निम्न कारण हो सकते हैं-

अनियमित माहवारी के कारण (aniyamit mahvari ke karan) –

( Pregnancy ) प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था और माहवारी)

अनियमित माहवारी के कारण अनियमित माहवारी का एक कारण प्रेगनेंसी हो सकता है यदि आपको पीरियड्स आना बंद हो गए हैं और 35 दिन से अधिक का समय हो गया है और आप को pregnency के लक्षण  दिखाई दे रहे हैं तो तो इसमें आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान भी पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.
कई लोगों को यह भ्रम होता है कि हम जब तक ब्रेस्ट फीडिंग करा रहे हैं, या जब तक पीरियड्स नहीं आते तब तक हमें प्रेगनेंसी नहीं हो सकते लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है प्रेगनेंसी कभी भी हो सकते हैं तो इसका भी जरूर ध्यान रखना चाहिए

Natural (स्वभाविक)

जब महिलाओं में 11 वर्ष की उम्र में पीरियड्स, मासिक धर्म (माहवारी) शुरू होता है या फिर  मेनोपॉज के समय लगभग 45 से 50 वर्ष की उम्र में जब माहवारी बंद होने वाला होता है, तब ऐसा होना साधारण सी बात है.
यह करीब 70% महिलाओं में होता है. इसमें घबराने वाली कोई बहुत बड़ी बात नहीं है.

(Premature menopose) प्रीमेच्योर मेनोपॉज-

मेनोपॉज मेनोपॉज होने का समय 45 से 50 वर्ष की उम्र तक में होता है लेकिन कई महिलाओं को समय से पहले भी प्रीमेच्योर मेनोपॉज हो सकता है जिसके कारण पीरियड्स आने में देरी हो सकती है या फिर पीरियड्स जल्दी जल्दी भी आ सकते हैं इसके लिए डॉक्टर से एक बार चेकअप जरूर करवाना चाहिए.

😖Stress (स्ट्रेस),तनाव

स्ट्रेस एक बहुत बड़ी समस्या है अनियमित माहवारी की स्ट्रेस के कारण हार्मोन का संतुलन बढ़ जाता है और वैल्यूएशन की प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो पाती जिसके कारण पीरियड्स आने में देरी होती है किसी भी तरह का स्ट्रेस चाहे वह फिजिकल स्ट्रेस हो या मेंटल स्ट्रेस हो हमें नहीं लेना चाहिए.

Wait (वजन)

वजन के कारण भी पीरियड्स आने में देरी हो सकती है यदि आपका वजन बहुत ज्यादा है या फिर आपने अचानक से अपना वजन बहुत अधिक किया है या फिर कम किया है तो इस स्थिति में भी आपको पीरियड्स देरी से आ सकते हैं

(ल्यूबीमियां) दुबलापन-

कुछ महिलाएं अत्यधिक दुबली होती हैं  और उन्हें एक  समस्या होती है जिसे  ल्यूबीमियां कहते हैं इसमें महिलाएं जो भी खाना खाते हैं वह उनके शरीर को नहीं लगता और उल्टी भी हो जाती है जिससे उन्हें न्यूट्रिशन की कमी हो जाती है और अंडाणु नहीं बन पाते हैं जिसके कारण ओवैल्यूएशन की प्रक्रिया  कठिनाई से हो पाती है

Exercise (एक्सरसाइज)

एक्सरसाइज यदि आप रोजाना करते हैं कुछ समय के लिए जैसे एक या 2 घंटे तक तो इससे कोई समस्या नहीं होती, लेकिन यदि आप कई घंटों तक लगातार एक्सरसाइज करते हैं तो इससे आपको पीरियड्स अनियमित आने की समस्या हो सकती है.
क्योंकि अत्यधिक एक्सरसाइज से हमारा वेट तेजी से घटता है.
इसके अलावा यदि आप एक्सरसाइज बिल्कुल ही ना के बराबर करते हैं तो भी आपको अनियमित पीरियड्स के समस्या हो सकती है.

Hormone हार्मोन

माहवारी अनियमित होने के लिए कुछ हारमोंस भी जिम्मेदार होते हैं –
थायराइड हार्मोन- 
यह हार्मोन थायराइड ग्लैंड से निकलता है और हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है यदि इसकी मात्रा अधिक हो जाए या कम हो जाए तो इन दोनों ही स्थितियों में माहवारी अनियमित हो जाती है.

प्रोलैक्टिन हार्मोन – 
यदि हमारे शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ जाता है तो इससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और इसका पता ब्लड टेस्ट से भी हो सकता है इससे बचने के लिए डॉक्टर्स द्वारा कुछ टैबलेट्स दिए जाते हैं जिन्हें कुछ दिन तो इस्तेमाल करने के बाद आपके पीरियड्स फिर से पहले जैसी स्थिति में हो जाते हैं.

(PCOD) पीसीओडी- 

पीसीओडी इन दिनों एक आम समस्या बन चुकी है जिसके कारण शरीर में मेल हार्मोन बढ़ जाता है ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं और इन्सुलिन रेजिस्टेंस हो जाता है इन सब के कारण हारमोंस का असंतुलन बढ़ जाता है और ओवैल्यूएशन की प्रक्रिया नहीं हो पाती हैं.

पीसीओडी से अन्य समस्याएं जैसे सिर के बालों का झड़ना चेहरे के बालों का बढ़ना और शरीर के  अन्य स्थानों पर भी बालों का बढ़ना वजन कम हो जाना या ज्यादा होना आदि.
पीसीओडी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है अपने वजन को कंट्रोल में रखना ना बहुत अधिक ना बहुत कम.

diseases (बीमारियां)

कई घातक बीमारियों जैसे डायबिटीज किडनी हार्टअटैक, किडनी फैलियर, लिवर खराब होना, अल्सर, न्यूमोनिया आदि इन सभी बीमारियों के चलते भी आपके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

(Medicine and injection) दवाइयाँ और इंजेक्शंस

कुछ दवाइयों जैसे एंटीसाइकोटिक, एंटीडिप्रेसेंट्स को इस्तेमाल करने से शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ जाता है जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं.

इन दवाइयों के अलावा कुछ इंजेक्शंस भी होते हैं जिनके कारण पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं.
कुछ लोग बर्थ कंट्रोल पिल्स को लगातार यूज करते हैं इस्तेमाल करते हैं और फिर अचानक से इसका इस्तेमाल बंद कर देते हैं जिसके कारण आपका हार्मोन असंतुलन हो जाता है और आपके पीरियड्स को नॉर्मल होने में कुछ महीनों का समय लग सकता है.

Tumor (गाँठ)

कई बार योनि में पोलिप फिर कोई गाँठ होता है जिस
के कारण पीरियड रेगुलर टाइम पर नहीं आते हैं.
लेकिन इसमें घबराने की कोई बहुत बड़ी बात नहीं है क्योंकि यह सिर्फ एक साधारण गाँठ है कोई कैंसर नहीं है.

copper-t (कॉपर टी)

यदि आपने अनचाहे गर्भ से बचने के लिए अपनी योनि है मैं copper-t लगाया हुआ है तो उसके कारण भी पीरियड्स आने में परेशानी होती है.
अक्सर कुछ महिलाओं में ऐसा भी देखा जाता है कि वे तो गर्भवती होती है लेकिन उन्हें रुक रुक कर पीरियड्स भी आते रहते हैं इसका मतलब है कि आपका गर्भ नष्ट होने वाला है ऐसा इसलिए भी हो सकता है यदि बच्चा योनि के बजाय ट्यूब में ठहरा होता है.

Cancer ♋ (कैंसर)

यदि आपके योनि में कोई इंफेक्शन हो चुका है या फिर उसमें कैंसर होने वाला है या फिर कैंसर हैं तो उस स्थिति में भी पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं.

अनियमित पीरियड्स (माहवारी) का इलाज (aniyamit mahvari ka ilaj)

देखा गया है कि अनियमित पीरियड्स माहवारी की समस्या हार्मोन के असंतुलन से होती है जिसके कारण डॉक्टर आपको हारमोंस की गोलियां दे सकते हैं.

इसके अलावा पीरियड्स का इलाज में मिरेना का उपयोग किया जाता है.
मिरेना एक छोटा सा कि आपका उपकरण होता है जिसे योनि के अंदर डाला है तो उसके लिए डॉक्टर ऑपरेशन भी कर सकते हैं जिसमें बच्चेदानी को भी बाहर निकाला जा सकता है

पीरियड्स माहवारी का आयुर्वेदिक घरेलू उपाय इलाज-

elovera (एलोवेरा)

एलोवेरा एक अत्यंत ही दिव्य औषधि है इसके प्रयोग से संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है त्वचा में निखार आता है और बालों का झड़ना आदि समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है।

इसके साथ ही एलोवेरा मासिक धर्म पीरियड्स की समस्या से निजात पाने के लिए एक अचूक औषधि है इसके उपयोग से पीरियड्स का रुक रुक कर आना जल्दी आना या फिर ज्यादा दिन तक आना आदि समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ साथ ही यह पीरियड्स में होने वाले दर्द से निजात के लिए भी बहुत ज्यादा लाभकारी होता है.

इसका उपयोग हर कोई कर सकता है लेकिन खासकर महिलाओं को इसका प्रयोग जरूर करना चाहिए महावारी पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाने के लिए.

(Mesua ferrea) नागकेसर

नागकेसर भी अनियमित पीरियड्स के लिए  शीघ्र लाभकारी औषधि है मासिक धर्म पीरियड्स से जुड़ी कोई भी कितनी भी बड़ी समस्या क्यों ना हो सुबह-शाम पानी के साथ 1 से 2 ग्राम तक लेने से यह सभी समस्याओं से निजात दिलाता है इसका असर एक दो दिन में ही दिखने लगता है

(Papaya) पपीता

वैसे तो पीरियड्स के दर्द से 100% मुक्ति पाने का कोई उपाय नहीं है लेकिन यदि आप पपीता का सेवन करते हैं तो पीरियड्स में होने वाले दर्द को काफी हद तक कम कर देता है साथ ही साथ बंद हो चुका पीरियड खुलकर आने लगता है,और समय आने पर समाप्त भी हो जाता है.

अनियमित माहवारी से परेशान महिलाओं के लिए यह एक अत्यंत प्रचलित और लोकप्रिय फल है.

Termaric and ginger (हल्दी और अदरक)

हिंदी और अदरक गर्म तासीर वाले पदार्थ हैं वैसे तो इनका पीरियड्स की समस्याओं पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता किंतु पीरियड्स के समय का सेवन करने से गर्म तासीर के कारण हम अच्छा महसूस कर सकते हैं इसके साथ ही दालचीनी और शहद का सेवन भी इसमें लाभकारी रहेगा.

पीरियड्स माहवारी की आयुर्वेदिक होम्योपैथिक दवा पतंजलि-

अनियमित पीरियड्स की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए पतंजलि अशोकारिष्ट और नारी सुधा सिरप अत्यंत लाभकारी होते हैं.

इनके अलावा पतंजलि स्त्री रसायन वटी और चंद्रप्रभा वटी का सेवन कर सकते हैं।
स्त्री रसायन वटी  मासिक धर्म के पीरियड्स और महिलाओं की कई बीमारियों में लाभकारी होता है, साथ ही साथ पीरियड्स में होने वाले दर्द को भी काफी हद तक कम कर सकता है।
चंद्रप्रभा वटी आपकी हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है और आपको स्वस्थ बनाकर रखता है.

आज हमने अनियमित पीरियड्स से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की है यदि इससे जुड़ी किसी अन्य समस्या का समाधान चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर बताएं और साथ ही साथ यह बताना भी ना भूलें की यह सभी उपाय अपनाने के बाद आपको  अनियमित पीरियड्स के समस्या से कितना कितना छुटकारा मिला है और साथ ही जिस को भी इसकी जरूरत है उसे शेयर भी जरूर करें।

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