स्ट्रेच मार्क्स होने के कारण, एवं इसे हटाने का 100℅ कारगर तरीका

फ्रेंड्स stretch marks कोई बीमारी नहीं है और यह लगभग  90% महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जरूर होता है।
स्ट्रेच मार्क्स बिल्कुल ही दर्द रहित होता है किंतु कभी-कभी उसमें जलन थोड़ी मात्रा में हो सकती है। यदि आप इससे परेशान है और इससे निजात पाना चाहते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए है

वेलकम फ्रेंड्स आज की इस पोस्ट में हम स्ट्रेच मार्क्स के बारे में जानेंगे-
स्ट्रेच मार्क्स क्या होता है और यह कैसे बनता है ?
स्ट्रेच मार्क्स  बॉडी के किस किस पार्ट में बन सकता है ?
स्ट्रेच मार्क्स को रोकने के उपाय क्या-क्या है?
तो चलिए शुरू करते हैं-

कैसे बनता है स्ट्रेच मार्क्स-

गर्भावस्था के दौरान जब शरीर का वजन अचानक से बढ़ता है और उसकी कोशिका में वृद्धि होने लगती है तब स्ट्रेच मार्क्स बनता है।
गर्भावस्था में शरीर के जिस हिस्से का वजन सबसे ज्यादा जल्दी बढ़ता है उस हिस्से में स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ज्यादा होती है।
स्ट्रेच मार्क्स पूरे शरीर में कहीं पर भी हो सकता है किंतु ब्रेस्ट में इसके होने की संभावना ज्यादा होती है.


कैसा होता है स्ट्रेच मार्क्स-

हमारी त्वचा के अंदर फाइबर इलास्टिक की पतली परत होती है।
गर्भकाल में जब शरीर का वजन बढ़ता है तब यह परत ब्रेकडाउन हो जाती हैं और हमारे शरीर पर हल्की सी लाल रेखा खींची हुई नजर आती है यही स्ट्रेच मार्क्स होता है।

डिलीवरी के बाद इसका कलर पहले जैसा होने लगता है लेकिन पूरी तरह से नहीं।
प्रेगनेंसी में स्ट्रेच मार्क्स आठ में हफ्ते से शुरू होता है और यह सबसे पहले ब्रेस्ट में फिर कंधे में फिर जांघों में फिर अन्य स्थानों पर भी हो सकता है.

स्ट्रेच मार्क्स रोकने के उपाय

स्ट्रेच मार्क्स एक ऐसी समस्या है जिसे हम पूरी तरह से जड़ से खत्म नहीं कर सकते किंतु कुछ ऐसे उपाय भी हैं जिन्हें अपनाकर हम इनके प्रभाव को थोड़ा कम जरूर कर सकते हैं लेकिन पूरा बिल्कुल भी नहीं

मसाज-
मसाज एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा त्वचा में नमी बनी रहती है ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है इसे रोज अपनी त्वचा में रोज करने से बहुत फायदा दिखता है.

पानी-
गर्भावस्था में महिलाओं को दो से ढाई लीटर पानी प्रतिदिन पीना चाहिए. यह कहना तो आसान है किंतु करना बहुत ही मुश्किल क्योंकि गर्भावस्था में  महिलाएं ज्यादा पानी नहीं पी सकती हैं।

यदि आप भी उनमें से एक हैं तो आप पानी की जगह सूप ले सकते हैं इसके साथ ही फलों का रस और दूध जैसी चीजें पीते रहना आपको ताकत भी देगी और शरीर में पानी की कमी भी दूर करेगी.

पानी पीते रहने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है जिसके कारण स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने में काफी राहत मिलती है इससे आपका चेहरा भी खिला खिला नजर आता है. साथ ही साथ प्रेगनेंसी में होने वाली तमाम मानसिक परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है.

पौष्टिक भोजन-
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को पौष्टिक भोजन देना जरूरी होता है जिसमें विटामिन c, d, e, protin जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स शामिल होने चाहिए। भोजन के यह सभी तत्व हमारी कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को जल्दी करने में सहायक होते हैं जिसके कारण स्ट्रेच मार्क्स को जल्दी से दूर करने में बहुत सहायता मिलती है।

सही मात्रा में भोजन- 
जिन लोगों का वजन पहले से बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है या फिर प्रेगनेंसी के दौरान बढ़ गया है उन लोगों में स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ज्यादा होती है।

दुनिया के अधिकतर लोगों का यह मानना होता है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को 2 लोगों का खाना खाना चाहिए किंतु ऐसा करना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि एक छोटा सा अजन्मा बच्चा जिसका भ्रूण में भी ठीक से विकास नहीं हो पाया है वह तो हमारे जितना भोजन नहीं कर सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला को आम दिनचर्या  से 5 से 10% तक ज्यादा एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए  इससे अधिक बिल्कुल भी नहीं क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपका वजन बहुत जल्दी पड़ेगा जिससे स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।

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